Jammu-Kashmir News: आतंकियों के लिए काल बनीं भारतीय सेना, 186 आतंकवादी मारे गये, 159 गिरफ्तार

 
Jammu and Kashmir: Indian Army became a time for terrorists, 186 terrorists killed, 159 arrested
जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने शनिवार को कहा कि 2022 में 56 पाकिस्तानी नागरिकों सहित कुल 186 आतंकवादी मारे गए और 159 को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि हाल के समय में यह साल सबसे सफल वर्ष रहा।

Jammu-kashmir News: साल 2019 में जब से जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटी है तब से वहां के हालात बदले हैं। कश्मीर में नया सिनेमाघर खोला गया। रोजगार के अवसर युवाओं को दिए जा रहे हैं। कश्मीर के युवाओं के हाथों में जो आतंकियों मे पत्थर पकड़ाए थे उसे हटा कर भारत सरकार किताबें पकड़ा रही हैं।

टारगेटिंग कीलिंग और कुछ घटनाओं को अगर छोड़ दिया जाएं तो साल 2022 आतंकियों के लिए काफी भारी रहा हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को 2022 को हाल के वर्षों में सबसे सफल बताया, जिसमें वर्ष 2022 में 56 पाकिस्तानियों सहित कुल 186 आतंकवादी मारे गए हैं।

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जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने भी गिरफ्तार किए गए 159 लोगों को जोड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 'जीरो टेरर' गतिविधियां हासिल करने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने शनिवार को कहा कि 2022 में 56 पाकिस्तानी नागरिकों सहित कुल 186 आतंकवादी मारे गए और 159 को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि हाल के समय में यह साल सबसे सफल वर्ष रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में कोई भी आतंकवादी गतिविधियां नहीं होने (जीरो टेरर) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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पुलिस प्रमुख ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 146 पाकिस्तान निर्मित आतंकी मॉड्यूल, जिनमें चार से पांच सदस्य शामिल थे, जिन्हें चुनिंदा और लक्षित हत्याओं और ग्रेनेड और आईईडी हमलों को अंजाम देने का काम सौंपा गया था, उनका भी 2022 में भंडाफोड़ किया गया।

उन्होंने कहा कि इस साल जम्मू-कश्मीर में 100 युवा आतंकवाद में शामिल हुए, जो कई सालों में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर का सफाया कर दिया गया, जबकि सुरक्षा बल सक्रिय आतंकवादियों की संख्या को दो अंकों के आंकड़े तक लाने के लिए काम कर रहे हैं जो वर्तमान में 100 से थोड़ा अधिक है।

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जम्मू कश्मीर के छह अधिकारियों का प्रमोशन, बनाए गए डीआईजी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा- मिजोरम-यूनियन टेरीटोरी) कैडर में भारतीय पुलिस सेवा आइपीएस के 35 अधिकारियों को डीआइजी रैंक में पदोन्नत किया है। इनमें जम्मू कश्मीर के छह अधिकारी शामिल हैं और तीन इस समय प्रदेश में ही तैनात हैं, जबकि तीन अन्य प्रतिनियुक्ति के आधार पर केंद्र सरकार को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

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पदोन्नति प्राप्त करने वालों में जम्मू कश्मीर में तैनात 2009 बैच के आइपीएस इम्तियाज इस्माइल पर्रे, श्रीधर पाटिल, रईस मोहम्मद बट, शैलेंद्र कुमार मिश्रा, राहुल मलिक और राजीव ओम प्रकाश पांडे शामिल हैं। शैलेंद्र कुमार मिश्रा और राजीव ओम प्रकाश पांडेय इस समय केंद्र में प्रतिनियुक्ति के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि राहुल मलिक भी प्रतिनियुक्ति के आधार पर केंद्रीय गृहमंत्रालय में एक वर्ष से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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श्रीधर पाटिल पुलिस मुख्यालय जम्मू में एआइजी के पद पर तैनात हैं जबकि रईस मोहम्मद बट एसएसपी बारामुला हैं। इस्माइल पर्रे जम्मू कश्मीर पुलिस में आइआरपी की आठवीं वाहिनी के कमांडेंट हैं। जम्मू कश्मीर में एसएसपी रैंक के छह अधिकारियों को डीआइजी रैंक में पदोन्नत होने के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस प्रशासन में जल्द ही फेरबदल की संभावना और प्रबल हो गई है।

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