National: मोदी के नेतृत्व में पूर्वांचल में भाजपा ने अंगद की तरह अपने पांव गड़ा दिये

 
National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने के बाद से पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में भाजपा की पकड़ बेहद मजबूत हो गयी है। भाजपा ने पूर्वांचल के कई सितारों मसलन- मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव निरहुआ और रवि किशन जैसे लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाया और आज यह सभी सांसद हैं।

National: भारतीय जनता पार्टी की राजनीति के केंद्र में पूर्वांचल हमेशा बड़ी भूमिका निभाता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से सांसद हैं। यह इलाका पूर्वांचल में आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से ताल्लुक रखते हैं और वह इलाका भी पूर्वांचल में आता है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा के दो प्रमुख सहयोगी दल अपना दल और निषाद पार्टी भी पूर्वांचल में ही अपना प्रमुख आधार रखती हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मिर्जापुर से ताल्लुक रखते हैं जोकि पूर्वांचल में आता है।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यपालों के नामों पर गौर करेंगे तो भी पूर्वांचल की बहुतायत देखने को मिलेगी। हम आपको बता दें कि देश में अब पूर्वांचल से छह राज्यपाल हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री और गोरखपुर छावनी के पूर्व विधायक शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य लक्ष्मण आचार्य को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

लक्ष्मण आचार्य प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से आते हैं। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस भोजपुरी भाषी क्षेत्र के अन्य राज्यपालों में जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हैं। मनोज सिन्हा केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

संसद में उन्होंने गाजीपुर का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा संसद में देवरिया लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके और लखनऊ से विधायक रह चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र इस समय राजस्थान के राज्यपाल हैं।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

इसके अलावा मेघालय के राज्यपाल फागू चौहान भी पूर्वांचल क्षेत्र से आते हैं। फागू चौहान उत्तर प्रदेश विधानसभा में छह बार घोसी सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह आर्थिक रूप से पिछड़ी (ईबीसी) नोनिया जाति से आते हैं। इसके अलावा, लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बीडी मिश्रा पूर्वांचल के भदोही के मूल निवासी हैं।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

राज्यपालों के अलावा यदि केंद्रीय मंत्रियों के नामों पर गौर करें तो उसमें भी पूर्वांचल का अच्छा खासा दबदबा देखने को मिलता है। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे, पंकज चौधरी और अपना दल (एस) अनुप्रिया पटेल पूर्वांचल के मूल निवासी हैं। योगी सरकार में भी पूर्वांचल से नाता रखने वाले कई विधायक मंत्री हैं।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

देखा जाये तो पूर्वांचल हमेशा राजनीतिक पर्यवेक्षकों के लिए गहरी रुचि का क्षेत्र रहा है। इस क्षेत्र ने 2007 में मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी और 2012 में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को भारी संख्या में मत दिया था।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

हालांकि 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में भाजपा का साथ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने के बाद से इस पूरे क्षेत्र में भाजपा की पकड़ बेहद मजबूत हो गयी है।

National: Like Angad, the BJP has lost its footing in Purvanchal under the leadership of Modi

भाजपा ने पूर्वांचल के कई सितारों मसलन- मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव निरहुआ और रवि किशन जैसे लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाया और आज यह सभी सांसद हैं। इन लोगों के चलते पूर्वांचल के कई बड़े कलाकार भाजपा के साथ जुड़े हैं जोकि चुनावों में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम करते हैं।