Opposition Meet: विपक्षी दलों की बैठक में ममता बनर्जी ने कह दी ऐसी बात, देखते रह गए राहुल, खरगे और नीतीश

Opposition Meet in Patna: बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पटना में विपक्षी दलों की बैठक के दौरान उनके राज्य में कांग्रेस के रवैये पर नाराजगी जताई है। सूत्रों के अनुसार ममता ने बैठक में कहा कि कांग्रेस की ओर से बंगाल में जारी धरना-प्रदर्शन भी गलत है। बंगाल सीएम ने इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ही आपत्ति जताई।
उन्हांने कहा कि बंगाल में कांग्रेस का रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें आपस में लड़ने से बचना चाहिए। हम आपस में लड़ेंगे तो बीजेपी को फायदा होगा। ममता बनर्जी ने कहा कि हमें आपसी मतभेद भुलाकर भाजपा को हराने की रणनीति बनानी चाहिए। इसमें सभी दलों की बात सुनी जानी चाहिए।
ममता बोलीं- मिलकर रहेंगे तभी हम भाजपा को हरा पाएंगे - सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पटना में विपक्षी दलों की बैठक में राहुल गाधी, मल्लिकार्जुन खरगे, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, महबुबा मुफ्त्ती, उमर अब्दुल्ला और हेमंत सोरेन जैसे नेताओं की मौजूदगी में कहा कि हमें मिलकर रहना चाहिए तभी हम भाजपा को हरा पाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बंगाल में अपने रवैये में बदलाव करना चाहिए।इससे पहले गुरुवार की शाम मीडिया से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि हमलोग एक साथ लड़ेंगे। मीटिंग में जो बात होगी वो शेयर करेंगे, अभी कुछ नहीं बता सकते। मीटिंग में जो तय होगा वो सबके लिए होगा।
उमर अब्दुल्ला ने याद दिलाया 2019 का वाकया - बता दें कि शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक हुई। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, जदयू, राजद, तृणमूल जैसे 15 दल भाजपा को रोकने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
इस बैठक में मौजूद नेताओं ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने अध्यादेश के मुद्दे पर विपक्षी दलों से समर्थन मांगा, लेकिन एक दल ने इस पर पलटवार कर दिया। शुक्रवार को जब पटना में इस बैठक के लिए अलग-अलग दलों के नेता जुटे तो चर्चा शुरू हुई।
सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल ने इस बैठक में कहा कि केंद्र के लाए अध्यादेश का हम विरोध कर रहे हैं और बाकी दलों को इस मुद्दे पर हमारा समर्थन करना चाहिए। जैसे ही केजरीवाल ने यह बात कही, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब कश्मीर से 2019 में अनुच्छेद 370 हटाया गया था, तब तो आपकी पार्टी ने हमारा समर्थन नहीं किया था और संसद में सरकार का साथ दिया था।