Akhilesh & Rahul: कांग्रेस सपा से चाहती है ये दो सीट, बदले में की इन 3 सीटों की पेशकश

 
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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में अभी सीटों को लेकर जद्दोजहद चल रही है। कांग्रेस यूपी से लखीमपुर खीरी और श्रावस्ती सीट भी चाहती है। वहीं, फर्रुखाबाद लोकसभा सीट सपा के पास जाने से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने नाराजगी जताई है।

Akhilesh & Rahul: लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी के साथ मैदान में उतरने वाली कांग्रेस उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी और श्रावस्ती सीट से भी चुनाव लड़ना चाहती है। सपा ने अभी कांग्रेस को जो 17 सीटें दी हैं, उसमें यह दोनों सीटें उसके पास नहीं हैं।

कांग्रेस ने सपा से इन दोनों सीटों के बदले गाजियाबाद, मथुरा और बाराबंकी सीट में से कोई दो सीट लेने की पेशकश दी है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी ने स्वयं अखिलेश यादव से इस बारे में बात की है। कांग्रेस लखीमपुर खीरी और श्रावस्ती सीट पर रवि वर्मा और नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उतारना चाहती हैं। 

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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के मध्य हुए गठबंधन में सपा ने कांग्रेस को जो सीटें दी हैं। उसमें अमेठी, रायबरेली, वाराणसी, सहारनपुर, अमरोहा, सीतापुर, झांसी, गाजियाबाद, महाराजगंज, फतेहपुर सीकरी, कानपुर, मथुरा, देवरिया, बांसगांव, बुलंदशहर, प्रयागराज और बाराबंकी है।

वहीं, लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से सिर्फ 17 सीटें मिलने से कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता इधर-उधर ठौर तलाश रहे हैं। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद ने सोशल साइट एक्स पर नाराजगी जताई है।

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हालांकि पार्टी के नेता किसी तरह की नाराजगी से इनकार कर रहे हैं। इंडिया गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को 17 लोकसभा सीट मिली हैं। ऐसे में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने से वंचित हो गए हैं, जबकि वह पहले से चुनावी तैयारी कर रहे थे।

इन नेताओं ने दिल्ली से लेकर मुरादाबाद तक जोर आजमाइश शुरू कर दी है क्योंकि पार्टी के ज्यादातर नेता मुरादाबाद में शनिवार से शुरू हो रही दूसरे चरण की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।

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अभी तक पूर्व मंत्री नकुल दुबे लखनऊ अथवा सीतापुर से टिकट मांग रहे थे। लखनऊ सपा के खाते में चली गई है। जबकि सीतापुर से पूर्व विधायक राकेश राठौर को मैदान में उतारने की तैयारी है। ऐसे में नकुल ने भी सीतापुर पर दावा कर दिया है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी जालौन से दावेदारी कर रहे थे लेकिन यह सीट गठबंधन में हाथ नहीं आई है। इसी तरह राजेश पति मिश्र भदोही से तैयारी कर रहे थे। जबकि फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और कौशलेंद्र यादव तैयारी लिए थे।

शुक्रवार दोपहर बाद सलमान खुर्शीद ने एक्स पर पोस्ट लिखा-फर्रुखाबाद से मेरे रिश्तों के कितने इम्तिहान का सामना करना पड़ेगा? सवाल मेरा नहीं पर हमारे सब के मुस्तकाबिल का है, आने वाली नस्लों का है। किस्मत के फैसलों के सामने कभी झुका नहीं, टूट सकता हूं, झुकूंगा नहीं।

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तुम साथ देने का वादा करो, मैं नगमे सुनाता रहूं। इसे सियासी तौर पर उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। फर्रुखाबाद की सियासी जमीं पर उनके निर्दल मैदान में उतरने की भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि वह खुद इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कहते हैं चुनाव लडने की तैयारी सभी 80 सीट पर थी। हर सीट पर पार्टी के नेता तैयारी किए हैं। लेकिन इंडिया गठबंधन के तहत 17 सीटें मिली हैं। फिलहाल इन्हीं पर चुनाव लड़ा जाएगा। वह किसी तरह की नाराजगी की जानकारी होने से इंकार करते हैं। कहते हैं कि सलमान खुर्शीद वरिष्ठ नेता हैं।