Akhilesh Yadav: अब क्या करेंगे अखिलेश यादव? बेटों के विधायकी के चक्कर में सपा के दो दिग्गज आपस में भिड़े

 
Akhilesh Yadav
स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी से इस्तीफा देने की एक वजह मनोज पांडेय भी हैं। इसकी वजह रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीट है।

Akhilesh Yadav: अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा सपा नेता मनोज पांडेय (Manoj Pandey) के एक बयान के बाद दिया, जिसमें उन्होंने स्वामी प्रसाद को मानसिक रूप से विक्षिप्त कह दिया था।

हालांकि, इनके बीच चल रही यह बयानबाजी कोई नहीं बात नहीं है। दोनों नेताओं के बीच की यह जंग लंबे समय से चल रही है जो अभी तक खत्म नहीं हुई। समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव के पद पर रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्य रायबरेली की डलमऊ सीट से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं।

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साल 1996 और 2002 में वह विधायक बने लेकिन 2007 में वह कांग्रेस के अजय प्रताप सिंह से हार गए। इसके बाद उन्होंने साल 2012 और 2017 के चुनाव में अपने बेटे उत्कृष्ट मौर्य को उतारा, लेकिन उसे भी हार मिली।

पार्टी बदलकर जब स्वामी प्रसाद के बेटे ने चुनाव लड़ा तो भी हार गया। लेकिन मनोज पांडेय को दोनों ही चुनाव में जीत हासिल हुई। जब साल 2022 में स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की तो वह अपने बेटे के लिए इसी सीट से टिकट चाह रहे थे।

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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद के बेटे को इस सीट से टिकट ना देकर उन्हें विधान परिषद भेज दिया। बताया जा रहा है कि इसी सीट की वजह से मनोज पांडेय और स्वामी प्रसाद के बीच खटास बढ़ती जा रही है। अब अखिलेश यादव इस दुविधा में हैं कि वे किसे चुनेंगे?

ऐसा इसलिए क्यूंकि मनोज पांडेय पार्टी के बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं और लगातार जीतते आ रहे हैं। अगर वो पार्टी छोड़ भाजपा में जाएंगे तो सपा के लिए मुश्किल हो जाएगी। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्या की बात करें तो वह भले ही प्रतापगढ़ के कुंडा के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी सियासी जमीन ऊंचाहार में ही रही है। ऐसे में अखिलेश का दोनों नेताओं को साधने का प्लान बहुत आसान नहीं होगा।

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