Electricity Employees Strike: 650 आउटसोर्सिंग व संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त, एजेंसियों को नोटिस

 
Electricity Employees Strike: Services of 650 outsourcing and contract workers terminated, notice to agencies
अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए 650 आउटसोर्सिंग व संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा छह अन्य एजेंसियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

Electricity Employees Strike: उत्तर प्रदेश में विभिन्न निगमों में आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए और संविदा पर कार्यरत करीब 650 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 242, मध्यांचल के 110, पश्चिमांचल में 60 और दक्षिणांचल के 38 कर्मचारी भी शामिल हैं।



इसके अलावा एजेंसियों को नोटिस भी जारी की गई है। कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज ने बताया कि गाजीपुर में बिजली आपूर्ति के लिए काम कर रही फर्म भारत इंटरप्राइजेज को अपने कर्मचारियों को उपस्थित न करा पाने के कारण फर्म के महाप्रबंधक एवं सुपरवाइजर राहुल सिंह के विरुद्ध कोतवाली गाजीपुर में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।

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इसके अलावा छह अन्य एजेंसियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। देवराज ने कहा कि भविष्य में इन एजेंसियों को निगम में कार्य करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। सभी जिलों में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि काम न करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।



योगी बोले - अराजकता फैलाने वाले बिजलीकर्मी होंगे सूचीबद्घ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अराजकता फैलाने वाले बिजली कर्मी सूचीबद्घ किए जाएंगे। बिजली फीडर बंद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सरकार प्रतिवर्ष 20 हजार करोड़ रुपये पावर कॉर्पोरेशन को उसका घाटा पूरा करने के लिए देती है।

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ऊर्जा मंत्री ने चेताया, लाइन में फॉल्ट किया तो आकाश-पाताल से खोज निकालेंगे

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने हड़ताली कर्मचारियों को चेताया है कि लाइन में फॉल्ट करने वालों को आकाश-पाताल से खोज निकालकर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने आपूर्ति को पूरे नियंत्रण में बताते हुए दावा किया है कि प्रदेश में चार हजार मेगावाट सरप्लस बिजली है। 

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आपूर्ति में गड़बड़ी करने वालों पर रासुका-एस्मा के तहत होगी कार्रवाई

विभिन्न मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के साथ बातचीत बेनतीजा रहने पर विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति से जुड़े विद्युत कर्मचारी गुरुवार रात 10 बजे से 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए। बिजली कर्मियों के हड़ताल पर जाते ही सरकार और पावर कारपोरेशन प्रबंधन भी एक्शन मोड में आ गया।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके खिलाफ एस्मा (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपद्रव व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर रासुका के तहत भी कार्रवाई होगी।

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संविदाकर्मी एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों के हड़ताल पर जाते ही उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इस बीच हड़ताल से निपटने के पुख्ता इंतजाम का दावा करते हुए प्रबंधन ने बिजली उत्पादन और आपूर्ति को बनाए रखने के लिए एनटीपीसी सहित अन्य सार्वजनिक व निजी उपक्रमों के तकनीकी कर्मचारियों की मदद लेने का निर्णय भी किया है। हालांकि, हड़ताल से बिजली आपूर्ति के लड़खड़ाने की आशंका जताई जा रही है।

गुरुवार रात 10 बजे से हड़ताल के मद्देजनर ऊर्जा मंत्री ने दिन में विद्युत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा समिति में शामिल संगठनों के पदाधिकारियों के साथ दो घंटे तक वार्ता की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।

वार्ता बेनतीजा रहने के बाद शक्ति भवन में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि विद्युत संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तावित 72 घंटे के कार्य बहिष्कार व विद्युत व्यवधान पैदा किए जाने को लेकर विभाग ने अपनी पूरी तैयार की है। 72 घंटे दौरान विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही शक्ति भवन में स्थापित कंट्रोल रूम के जरिये 24 घंटे मानीटरिंग की जाएगी।

टोल फ्री नंबर-1912 में आने वाली शिकायतों का तत्परता से संज्ञान लेने के साथ ही इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों से विद्युत व्यवधान से जुड़ी खबरों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।उन्होंने बताया कि उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन, विद्युत मजदूर पंचायत संघ, विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ, उप्र राज्य विद्युत परिषद नेता कर्मचारी संघ, प्रमोटेड पावर इंजीनियर्स वेल्फेयर एसोसिएशन व विद्युत तकनीकी कर्मचारी संयुक्त संघ समेत कुल छह संगठनों ने उपभोक्ताओं को हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार का समर्थन किया है और विद्युत सेवा को निर्बाध रखने के लिए 24 घंटे काम करने का भी भरोसा दिलाया है।

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मंत्री ने कहा कि संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। वे जिस तिथि से अनुपस्थित होंगे, उसी दिन से उनकी सेवा समाप्त मानी जाएगी क्योंकि उन्हें आपात स्थिति में उपभोक्ताओं की सेवा के लिए ही रखा गया है।

काम पर आने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकने का प्रयास प्रयास करने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी जिलों में प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कहीं थोड़ी-बहुत समस्या होती है तो लोग संयम रखकर राज्य सरकार का साथ दें। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने बताया कि बिजली का उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण को बनाए रखने के लिए एनटीपीसी सहित अन्य से मदद लेने का निर्णय किया गया है। शक्तिभवन मुख्यालय से प्रदेशभर में नजर रखी जा रही है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के साथ तीन दिसंबर, 2022 को हुए समझौते में तेरह सूत्रीय मांगों को 15 दिनों में हल किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि विद्युत निगम एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में हैं।

हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। ऐसी दशा में बोनस दिए जाने का औचित्य नहीं है। तीन वर्ष पूर्व बोनस बंटा था, जिसके उपरांत उनके निर्देश पर एक वर्ष के बोनस का भुगतान किया गया है और शेष आगे देने का प्रयास किया जाएगा।

कैशलेस इलाज व वेतन विसंगति समेत अन्य समस्या को दूर कराने की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं। कहा कि वर्ष 2020 में उनके मंत्री बनने से पूर्व भी एक समझौता हुआ था, जिस पर अब तक पूरी तरह अमल नहीं हो सका है। तीन माह पूर्व हुए समझौते को लेकर इतनी जल्दबाजी ठीक नहीं है।