Mahashivratri 2024: 10 फीट के शेर, 14 फीट के नंदी पर विराजेंगे बाबा और गौरा, काशी में इस बार खास होगी शिवबरात

 
Mahashivratri 2024
 काशी में शिव बरात की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार की शिव बरात खास होगी। मां पार्वती दुल्हन के रूप में होंगी तो वहीं भोले बाबा बॉडी बिल्डर बनेंगे। इस बार 10 फीट के शेर और 14 फीट के नंदी पर भगवान शंकर और मां गौरा विराजेंगी।

Mahashivratri 2024: महाशिवरात्रि पर काशी में इस बार शिवबरात की अलग ही आभा दिखेगी। 10 फीट के शेर और 14 फीट के नंदी पर भगवान शंकर और मां गौरा विराजेंगी तो बाबा के गण वाद्ययंत्रों पर थिरकते और उनकी भक्ति में मगन होकर चलेंगे।

शिवबरात में इस बार भोलेबाबा बॉडी बिल्डर के रूप में दिखेंगे तो मां पार्वती दुल्हन के रूप में दर्शन देंगी। मां पार्वती शिवलिंग का अभिषेक करते भी झांकी सजाई जाएगी। महाशिवरात्रि को देखते हुए शिव और मां पार्वती की प्रतिमाएं विभिन्न थीम पर बन रही हैं।

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इनमें कुछ प्रतिमाएं शिव बरात में शामिल होंगी तो कुछ मंदिरों में स्थापित की जाएंगी। खोजवां में नंदी और बाबा की प्रतिमा बैठी मुद्रा में 14 फीट की बन रही है। इसकी कुल लंबाई 32 फीट है। नंदी पर भगवान शंकर को विराजमान कराया गया है।

प्रख्यात मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने बताया कि महाशिवरात्रि पर पहली बार इतनी लंबी प्रतिमा बन रही है। बाबा की प्रतिमा महावीर मंदिर भोजूबीर से निकलने वाली शिवबरात की शोभायात्रा में शामिल होगी। मूर्तिकार शीतल ने बताया कि मिट्टी के ढांचा तैयार कर फाइबर से करीब 10 फीट का शेर व शेषनाग बनाया जा रहा है।

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इस पर भगवान शंकर और पार्वती के स्वरूप बैठेंगे। शेर वाली प्रतिमा गौरी केदारघाट से निकलने वाली शिवबरात में होगी। अभिजीत विश्वास ने बताया कि वक्त के साथ नए-नए थीम पर पूजा समितियां प्रतिमाएं बनवा रही हैं। परंपरा के साथ आधुनिकता का रूप दिया जा रहा है।

एक शिवबरात में बाबा को बाॅडी बिल्डर और मां पार्वती दुल्हन के स्वरूप में शामिल किया जाएगा। जबकि एक झांकी में मां पार्वती शिवलिंग का अभिषेक करते भी दिखेंगी। बाबा कालभैरव मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव व गौरा की भी झांकी सजाई जाएगी।

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मगर पहली बार बाबा व माता पार्वती को बालरूप में दिखाया जाएगा। अभिजीत विश्वास ने बताया कि भगवान शिव व पार्वती की ऐसी प्रतिमा पहली बार बन रही है। इसके पहले माता सरस्वती की प्रतिमा बालरूप में बनाए थे। होलिका दहन के लिए भी प्रतिमाएं बन रही हैं।

जगह-जगह होलिका स्थापित की गईं हैं। चेतगंज चौराहे पर होलिका दहन के लिए भी आठ फीट की प्रतिमा बन रही है। होलिका की प्रतिमा के साथ राजनीतिक रंग देते हुए चाइनीज ड्रैगन को भी भस्म करते दिखाया गया है।

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