Varanasi Crime: धोखाधड़ी व साइबर क्राइम में आरोपी को मिली जमानत

 
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बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, अजय पाल व वृजेश सोनकर ने पक्ष रखा

Varanasi Crime: वाराणसी। एमआरएफ टायर की डीलरशिप देने के एवज में धोखाधड़ी कर 11.45 लाख रुपए साइबर क्राइम के जरिए हड़प लेने के मामले में आरोपित को राहत मिल गई। प्रभारी जिला जज अनिल कुमार पंचम की अदालत ने मोहब्बतपुर, शेखोपुर सराय (बिहार) निवासी गुलशन कुमार को 50-50 हजार रुपए की दो जमानत एवं बंध पत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।

अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, अजय पाल व वृजेश सोनकर ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार जौनपुर निवासी वादी अहमद पुत्र सेराज अहमद ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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आरोप था कि एमआरएफ टायर की डीलरशिप के लिए उसने एमआरएफ टायर की वेवसाइट पर अप्लाई किया, जहां पर उसे एक मोबाइल नंवर 9088151846 मिला।

जिस पर बात करने पर उसने अपने आपको एमआरएफ का अधिकारी वताते हुए अपने इमेल आईडी पर बादी से दस्तावेज मंगवाया और उधर से तमाम कागजात भेजते हुए माल बुक करने के नाम पर खाता संख्या- 110093230709 में 06 जनवरी 2023 को 1,45,800/- रुपए जमा करा लिया।

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उसके बाद 16 जनवरी 2023 को खाता संख्या- 110091641461 में 10,00,000/- रुपया में जमा करा लिया। उसके बाद भी पैसों की मांग कर रहा था। जिसके कारण वादी ने उसके संबंध में एमआरएफ एजेन्सी वाराणसी पर आकर बात किया तो पता चला कि उक्त व्यक्ति द्वारा उनके साथ फ्राड किया जा रहा है।

हालांकि तब तक वादी ने अपने खाते से कुल मिलाकर रुपया 11,45,800/- रुपए उसके बताए खाते में जमा कर चुका था। उसकी शिकायत पर साइवर क्राइम थाने की पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपित गुलशन कुमार का नाम प्रकाश में आने पर उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

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वहीं न्यायालय के द्वारा दोनो पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी गुलशन कुमार को 50-50 हजार रुपए की दो जमानत एवं बंध पत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।

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