Varanasi Crime: अनिच्छित हत्या मामले में अपर मुख्य अधिकारी को मिली जमानत

 
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अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, विकास यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा

Varanasi Crime:  वाराणसी। अखबार बांटने जा रहे तीन हाकरों की कार से कुचलकर हुई अनिच्छित हत्या के मामले में आरोपित जिला पंचायत, बलिया के अपर मुख्य अधिकारी को बड़ी राहत मिल गई। जिला जज संजीव पाण्डेय की अदालत ने रसूलपुर, अंगुलियां (गाजीपुर) निवासी आरोपित अपर मुख्य अधिकारी विंध्याचल सिंह कुशवाहा को एक-एक लाख रुपए की दो जमानत एवं बंध पत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।

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अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, विकास यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार चौबेपुर निवासी वादी अजगुत प्रसाद ने चौबेपुर थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि 13 अप्रैल 2024 को उसका लड़का संजीत कुमार गांव के शैल कुमार व प्रमोद कुमार के साथ सुबह अपनी-अपनी साईकिल से अखबार बांटने चैबेपुर जा रहे थे।

उसी दौरान समय करीब 6.15 बजे उगापुर (पंडापुर) के सामने गाजीपुर की तरफ से तेज रफ्तार से आती हुयी कार (यूपी 70 जीएक्स 1800) जिसे चालक विन्ध्याचल सिंह कुशवाहा चला रहा था। तेज रफ्तार व लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाकर बारी-बारी तीनों व्यक्तियों को टक्कर मारते हुए भागने का प्रयास किया।

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जिससे संजीत व शैल की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी, तथा प्रमोद को गम्भीर हालत में अस्पताल भिजवाया गया। जहां बाद में प्रमोद की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपित चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 338 व 304 (ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

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बाद में विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 304 (ए) को तरमीम करते हुए धारा 304 (2) व 427 की बढ़ोत्तरी कर दी। वहीं दोनो पक्षों के तर्क को सुनने के बाद न्यायालय के द्वारा आरोपित को एक-एक लाख रुपए की दो जमानत एवं बंध पत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।

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