Varanasi Crime: बीएचयू में हुये बवाल के मामले में तीन छात्रों को न्यायालय ने दी अग्रिम जमानत

 
Varanasi Crime
आरोपित छात्रों की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, चंद्रबली पटेल व रोहित यादव ने पक्ष रखा

Varanasi Crime: वाराणसी। सड़क हादसे में बीएचयू छात्र के मृत होने की अफवाह पर चीफ प्राॅक्टर कार्यालय व कुलपति आवास में घुसकर तोड़ फोड़ करने व गाली-गलौज करते हुए सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपित तीन छात्रों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है।

विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) अनिल कुमार पंचम की अदालत ने आरोपित छात्र घरिहा (गाजीपुर) निवासी अंकित पाल, रोहतास (बिहार) निवासी क्षितिज कुमार व अहरक (बडागांव) निवासी दर्शित पाण्डेय को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने की दशा में 50-50 हजार रुपए की दो जमानत एवं बंध पत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

Varanasi Crime

अदालत में आरोपित छात्रों की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, चंद्रबली पटेल व रोहित यादव ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार बीएचयू चीफ प्राॅक्टर कार्यालय के सहायक सुरक्षा अधिकारी राकेश गुप्ता ने 18 फरवरी 2024 को लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

आरोप था कि 17 फरवरी 2024 को ब्रोचा छात्रावास के पास सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गयी थी। इस बीच यह अफवाह फैलने पर कि मृतक बीएचयू का छात्र है को लेकर बीएचयू के छात्र शुभम शुक्ला, संजय गांधी, अनुज राम, अंकित राय, दुर्गेश यादव के नेतृत्व में करीब 200 की संख्या में छात्र अपने हाथों में लाठी-डंडा, सरिया व ईंट-पत्थर लेकर चीफ प्राॅक्टर कार्यालय में घुस गये और वहां तोड़फोड़ करते हुए सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगे।

चीफ प्राॅक्टर प्रो. शत्रुधन त्रिपाठी, डा. राजेश कुमार सिंह, डा. अमरेश प्रताप सिंह ने उग्र छात्रों को समझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन वे गाली-गलौज व धमकी देते हुये कुलपति आवास में अनाधिकृत रूप से घुस गये और वहां खड़ी सरकारी इनोवा गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दिया।

साथ ही ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा सुपरवाइजर सच्चिदानंद राय, रमाशंकर सिंह, अशोक शर्मा समेत अन्य गार्डों से मारपीट करते हुये वादी को भी लाठी-डंडे व पत्थर से मारे। नाराज छात्रों ने मुख्य द्वार एवं नरिया गेट को बंद कर दिया एवं प्रदर्शन करने लगे।

इस मामले में पुलिस ने 12 नामजद समेत 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। वहीं दोनो पक्षों का तर्क सुनने के बाद न्यायालय के द्वारा आरोपितों को 50-50 हजार रुपए की दो जमानत एवं बंध पत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।

Varanasi Crime

Varanasi Crime

Varanasi Crime

Varanasi Crime