Varanasi Crime: मनबढ़, दबंग भवन स्वामी व बिल्डर वाराणसी विकास प्राधिकरण को दिखा रहे ठेंगा

 
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साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध व भ्र्ष्टाचार के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान को दे रहे चुनौती

Varanasi Crime: वाराणसी। एक ओर जहां सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा अपराध व भ्र्ष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुये अभियान चला कर अपराधियों व भ्र्ष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।

तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के इस अभियान से डरे व सहमे अपराधी व भ्र्ष्टाचारी या तो खुद हाजिर होकर जेल चले गये या प्रदेश छोड़कर भाग गये। बताते चले कि वहीं दूसरी ओर वाराणसी जनपद के कुछ ऐसे मनबढ़ व दबंग किस्म के लोग है जो अपनी दबंगई व धनबल के बल पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के अभियान को भी खुली चुनौती देते चले आ रहे है।

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बताते चले कि वाराणसी जनपद के चौक थाना क्षेत्र के कर्णघण्टा इलाके में स्थित भवन संख्या सीके. 60/7 के भवन स्वामी है सर्राफा व्यवसायी चमन लाल सेठ। जिनके सम्बन्ध में क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि ये बड़े ही दबंग है और अपने धनबल के बल पर कोई भी अनैतिक कार्य करने व कराने में सक्षम है।

वहीं देखा जाये तो भवन स्वामी के द्वारा चौक थाना क्षेत्र के ही दालमण्डी निवासी बिल्डर नईम के साथ मिलकर अपने धनबल के बल पर भवन संख्या सीके. 60/7 में अवैध व गैरकानूनी तरीके से अण्डर ग्राउण्ड सहित पांच मंजिला भवन का निर्माण करा लिया गया है।

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जहां आज भी गैरकानूनी तरीके से बदस्तूर अवैध निर्माण का कार्य जारी है। साथ ही सूत्रों का यहां तक कहना है कि इनके इस गैरकानूनी कार्य में वाराणसी विकास प्राधिकरण के पूर्व के क्षेत्रीय अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है जिनके द्वारा 25 हजार रूपये प्रतिमाह सुविधा शुल्क लेकर इस अवैध निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज करायी गयी है।

वहीं यदि बात की जाये तो वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा पूर्व में शिकायत मिलने पर उक्त अवैध भवन निर्माण के सम्बन्घ में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27, 28 (1) व 28 (2) के अन्तर्गत नोटिस की कार्यवाही करने के साथ ही दिनांक 26.02.2024 को ध्वस्तीकरण का आदेश भी पारित किया गया है।

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इन सब के बावजूद भी इन मनबढ़ भवन स्वामी व बिल्डर की दबंगई तो तब देखने को मिली जब इन कार्यवाहियों के बावजूद भी अवैध तरीके से चोरी छिपे भवन का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं चोरी छिपे भवन का निर्माण कराये जाने की जानकारी गुरूवार को जब वाराणसी विकास प्राधिकरण के अवर अभियन्ता रवीन्द्र प्रकाश को मिली तो वो मौके पर पहुंचे और अवैध तरीके से भवन का निर्माण कराते हुये रंगेहाथ पकड़ लिया।

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जहां भवन स्वामी चमन लाल सेठ को कड़ी फटकार लगाते हुये तत्काल हो रहे अवैध निर्माण को बन्द कराया गया। कुल मिलाकर अब देखना यह है कि चमन लाल सेठ व बिल्डर नईम के द्वारा कराये गये इस अवैध निर्माण पर वाराणसी विकास प्राधिकरण कब तक ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करता है या फिर ये कार्यवाही सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह जायेगा। ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। फिलहाल तफ्तीश जारी है।

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